नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सोमवार को तेल कंपनियों ने मई महीने में चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ा दिए। लगातार बढ़ रहे रेट का असर अब परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है।जानकारी के अनुसार 15 मई 2026 को पहली बार पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को दूसरी बार दोनों ईंधनों के रेट में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई।23 मई को तीसरी बार फिर तेल कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया। इस दौरान पेट्रोल करीब 87 पैसे और डीजल लगभग 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। वहीं 25 मई को चौथी बार बढ़ोतरी करते हुए पेट्रोल के दाम में करीब ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में लगभग ₹2.71 प्रति लीटर की वृद्धि कर दी गई।मई महीने में अब तक पेट्रोल करीब ₹7.30 प्रति लीटर और डीजल लगभग ₹7.50 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। कई शहरों में पेट्रोल के दाम ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गए हैं, जबकि डीजल की कीमतों में भी लगातार तेजी बनी हुई है।विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक परिस्थितियों के चलते घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम आदमी के बजट पर साफ दिखाई देने लगा है। वाहन चालकों, किसानों और व्यापारियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से हर चीज की लागत बढ़ रही है, जिससे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।