मुजफ्फरनगर। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित मिशन शक्ति-5.0 अभियान के दूसरे चरण के तहत गुरुवार को जनपद मुजफ्फरनगर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों की एंटी रोमियो टीमों ने सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं, छात्राओं और युवतियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान की तथा उन्हें विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया।अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, बाजार, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं और छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित किया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, साइबर अपराध अथवा अन्य आपराधिक गतिविधि की स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। टीमों ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।इस दौरान एंटी रोमियो टीमों ने सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध रूप से घूम रहे युवकों और मनचलों पर भी नजर रखी। कई स्थानों पर युवकों को सार्वजनिक मर्यादा बनाए रखने और कानून का पालन करने की हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और छात्राओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी। उन्हें वूमेन पावर लाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 102 और 108 नंबरों के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में इन सेवाओं का तत्काल लाभ लिया जा सकता है।अभियान के दौरान महिलाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। पुलिस टीमों ने निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, आयुष्मान भारत योजना तथा महिला शक्ति केंद्र योजना के लाभों से अवगत कराते हुए उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है। इसी उद्देश्य के तहत जिलेभर में लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं ताकि महिलाएं बिना किसी भय के अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।