नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के अभियान को केंद्र सरकार ने नई गति दी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 राज्यों के लिए ₹10,021.42 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी करते हुए आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने और लंबित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।नई दिल्ली में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में विभिन्न राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। जारी की गई राशि से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब तथा तमिलनाडु में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन और प्रस्तावित आवासों को गति मिलेगी।बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र गरीब परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत केवल मकान ही नहीं बनाए जा रहे, बल्कि लाभार्थियों को बिजली, पेयजल, शौचालय, सड़क और रसोई गैस जैसी आवश्यक सुविधाओं से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाया जा सके।उन्होंने भूमिहीन गरीब परिवारों की समस्या का उल्लेख करते हुए राज्य सरकारों से ऐसे पात्र लोगों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जमीन के अभाव में किसी भी जरूरतमंद परिवार को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।समीक्षा बैठक के दौरान आवास निर्माण की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। केंद्रीय मंत्री ने उन राज्यों को निर्देश दिए, जहां निर्धारित लक्ष्य अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। उन्होंने वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लंबित आवास स्वीकृति कार्यों को 30 जून 2026 तक पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण और आवंटित धनराशि के प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए।बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी संख्या में मकान महिलाओं के नाम अथवा संयुक्त स्वामित्व में स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को बल मिला है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आवास योजना के लाभार्थियों को पौधारोपण अभियान से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है।ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में आवास निर्माण की गति को और तेज किया जाएगा। केंद्र सरकार का मानना है कि अतिरिक्त वित्तीय सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण कार्यों को मजबूती मिलेगी और अधिक से अधिक गरीब परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिलेगा।