मुजफ्फरनगर, 3 जून 26। तहसील खतौली क्षेत्र के तालाबों को मत्स्य पालन एवं सिंघाड़ा उत्पादन के लिए 10 वर्ष की अवधि के पट्टे पर दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी खतौली कार्यालय द्वारा विज्ञप्ति जारी कर बताया गया है कि इच्छुक पात्र व्यक्तियों के लिए 1 जुलाई 2026 (बुधवार) को दोपहर 12 बजे तहसील खतौली सभागार में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा।विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 एवं राजस्व संहिता नियमावली 2016 के प्रावधानों के तहत तालाबों का आवंटन किया जाएगा। मत्स्य पालन या सिंघाड़ा उत्पादन में रुचि रखने वाले पात्र व्यक्ति शिविर में भाग लेकर आवेदन कर सकते हैं।आवेदकों को अपनी आय एवं जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो विज्ञप्ति जारी होने की तिथि से छह माह से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए। नीलामी की शर्तों तथा अन्य आवश्यक जानकारी के लिए तहसील कार्यालय खतौली से संपर्क किया जा सकता है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तालाबों का आवंटन “जहां है, जैसा है” की स्थिति में किया जाएगा। आवेदन करने से पहले इच्छुक व्यक्ति संबंधित तालाब का स्थल निरीक्षण अवश्य कर लें। मत्स्य पालन अथवा सिंघाड़ा उत्पादन के लिए तालाब की उपयुक्तता की जिम्मेदारी स्वयं आवेदक की होगी।जारी सूची के अनुसार विभिन्न गांवों के कुल 30 तालाबों को पट्टे पर दिया जाएगा, जिनका कुल क्षेत्रफल 16.75 हेक्टेयर है। इनमें ताजपुर, मोरकुक्का, कढ़ली, छछरपुर, बेगराजपुर, खानपुर, गंगधाड़ी, खेड़ी कुरेश, खेड़ी रायधन, कैलावड़ा कलां, अनलवाड़ा, अब्दुल्लानगर उर्फ सोहटा, मढ़करीमपुर, निपनपुर, लहौड़ा, फुलत, अंती, मनसूरपुर, आदमपुर मोचड़ी और खुब्बापुर सहित कई गांवों के तालाब शामिल हैं।विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यदि कोई तालाब एक ही जलस्रोत के माध्यम से आपस में जुड़े हुए पाए जाते हैं और संयुक्त रूप से मत्स्य पालन करना अधिक लाभकारी माना जाता है, तो ऐसे तालाबों का आवंटन एक साथ किया जाएगा। अन्य मामलों में प्रत्येक तालाब की नीलामी अलग-अलग होगी।मत्स्य पालन आवंटन प्रक्रिया के लिए संबंधित ग्रामों हेतु क्षेत्रीय नायब तहसीलदार को नीलाम अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने इच्छुक लोगों से निर्धारित तिथि पर शिविर में पहुंचकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।