मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के बेगराजपुर गांव स्थित रविदास मंदिर के पुजारी नत्थन की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। हत्या के आरोप में नामजद दो युवकों को शुक्रवार देर रात पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने हत्या की वारदात कबूल कर ली है।गौरतलब है कि बेगराजपुर निवासी नत्थन रविदास मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा कर रहे थे। 10 जून की रात मंदिर परिसर में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना से गांव में सनसनी फैल गई थी। मृतक के भतीजे सागर ने थाना मंसूरपुर में तहरीर देकर गांव के ही अनिकेत और अरुण पर हत्या का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।एसएसपी के निर्देशन में गठित पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान शुक्रवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी बाइक पर सवार होकर क्षेत्र से निकलने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही मंसूरपुर पुलिस ने बेगराजपुर अंडरपास के समीप घेराबंदी कर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।पुलिस के अनुसार चेकिंग के दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन बाइक सवार युवकों ने रुकने के बजाय भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनिकेत और अरुण निवासी बेगराजपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि घटना वाली रात वे रविदास मंदिर परिसर में बैठकर शराब पी रहे थे। पुजारी नत्थन ने मंदिर परिसर में शराब पीने का विरोध किया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने गुस्से में पुजारी के साथ मारपीट कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है।क्षेत्राधिकारी खतौली रूपाली राव ने बताया कि पुजारी की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर घटना का सफल अनावरण कर लिया गया है।पुजारी हत्याकांड के खुलासे के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि गांव में घटना को लेकर अभी भी शोक का माहौल है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

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