मुजफ्फरनगर। जनपद में ईंट भट्ठों के संचालन को लेकर निर्धारित पर्यावरणीय नियमों के पालन की मांग तेज हो गई है। ईंट निर्माता कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और एनसीआर क्षेत्र में लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार ईंट भट्ठों की फुकाई निर्धारित समय सीमा के भीतर बंद कराने की मांग उठाई। समिति ने कहा कि नियमों का पालन सभी भट्ठों पर समान रूप से कराया जाना चाहिए, ताकि किसी भी संचालक को अनावश्यक नुकसान न उठाना पड़े और पर्यावरणीय मानकों का भी पूरी तरह अनुपालन हो सके।समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पहुंचे भट्ठा संचालकों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का हिस्सा है। ऐसे में यहां संचालित ईंट भट्ठों पर सर्वोच्च न्यायालय, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभागों द्वारा जारी निर्देश लागू होते हैं। इन निर्देशों के तहत भट्ठों के संचालन और फुकाई की अवधि निर्धारित की गई है, जिसका पालन कराया जाना आवश्यक है।ज्ञापन में कहा गया कि कुछ स्थानों पर निर्धारित अवधि के बाद भी भट्ठों के संचालन की आशंका बनी रहती है, जिससे नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ उन संचालकों को भी परेशानी होती है जो समय से सभी निर्देशों का पालन करते हैं। समिति ने प्रशासन से मांग की कि जनपद के सभी ईंट भट्ठों पर 30 जून तक फुकाई कार्य पूरी तरह बंद कराने के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं और इसकी निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।भट्ठा संचालकों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बनाए गए नियम सभी के हित में हैं और अधिकांश संचालक इनका पालन करने के पक्षधर हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की असमानता से बचने के लिए पूरे जिले में एक समान कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाए कि वे समय-समय पर निरीक्षण कर नियमों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करें।समिति ने ज्ञापन में यह भी कहा कि निर्धारित अवधि के बाद भट्ठों का संचालन जारी रहने से प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए आवश्यक है कि समय सीमा समाप्त होने से पहले ही सभी संचालकों को सूचना देकर नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य पूरे होंगे और प्रशासनिक व्यवस्था में भी पारदर्शिता बनी रहेगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति के कई पदाधिकारी और भट्ठा संचालक मौजूद रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा तथा एनसीआर क्षेत्र में लागू नियमों के अनुरूप सभी ईंट भट्ठों पर समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।