मुजफ्फरनगर। जनपद में एक विधवा महिला ने एक व्यक्ति पर अपनी पहचान छिपाकर प्रेम संबंध बनाने, कथित रूप से धर्मांतरण कराने और आर्थिक शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

महिला ने गुरुवार को कुछ सामाजिक संगठनों और हिंदूवादी नेताओं के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने भोपा थाना पुलिस को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।पीड़िता ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2016 में उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने अपना नाम राजीव बालियान बताते हुए स्वयं को हिंदू समुदाय का बताया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने धीरे-धीरे उसका विश्वास जीता और शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध स्थापित किए। पीड़िता के अनुसार, वह लंबे समय तक आरोपी को हिंदू युवक ही समझती रही और उसी विश्वास के आधार पर उसके संपर्क में रही।महिला का कहना है कि कुछ समय बाद आरोपी उसे उत्तराखंड स्थित कलियर लेकर गया। वहां उसने यह कहकर मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह कराया कि विशेष परिस्थितियों के कारण वह हिंदू रीति से विवाह नहीं कर सकता। पीड़िता का आरोप है कि निकाह के दौरान उसे पहली बार आरोपी की वास्तविक पहचान के बारे में जानकारी मिली। उसके अनुसार उस समय आरोपी ने अपना नाम अशफाक बताया और उसका नाम भी बदलकर नूरजहां रख दिया गया।शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने कई वर्षों तक उसे अपनी वास्तविक पहचान के बारे में गुमराह किया। इस दौरान उसने विश्वास का लाभ उठाकर उससे लाखों रुपये भी लिए। महिला का कहना है कि जब उसे पूरे मामले की जानकारी हुई और उसने विरोध किया तो उसे विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा।पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महिला का कहना है कि उसके साथ न केवल भावनात्मक विश्वासघात हुआ है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से भी उसे नुकसान पहुंचा है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित थाना पुलिस को मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल मामला जांच के अधीन है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।