जानसठ। रजिस्ट्री कार्यालयों के संचालन को निजी हाथों में सौंपने के प्रस्ताव के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और मुंशियों का धरना जारी है। आंदोलनकारियों ने रजिस्ट्री और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।धरने की अध्यक्षता बार संघ अध्यक्ष प्रमोद शर्मा एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महासचिव दीपेश गुप्ता एडवोकेट ने किया। वक्ताओं ने कहा कि रजिस्ट्री व्यवस्था का निजीकरण लाखों परिवारों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। इससे अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और मुंशियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।महासचिव दीपेश गुप्ता ने कहा कि यह केवल एक वर्ग के रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा और न्याय व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। निजीकरण से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ पारदर्शिता भी प्रभावित हो सकती है।धरने और कार्य बहिष्कार के चलते तहसील परिसर में रजिस्ट्री कार्य प्रभावित रहा। जमीन संबंधी कार्यों और अन्य मामलों में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग बिना काम कराए वापस लौट गए।अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।धरने में यसवंत कंबोज, असलम अंसारी, विमल पोसवाल, संजीव चौधरी, सुनील कपिल, शशि सैनी, प्रदीप सैनी, रघुनाथ सिंह, विकास गुप्ता, कपिल कुमार, अबरार हुसैन, नसीम पाशा, मूलचंद सैनी, ऋषिपाल सैनी, गोविंद कुमार, सोहित कंबोज, मनीष प्रजापति, जितेंद्र तोमर, परवेज जैदी, जितेंद्र विकल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group