मुजफ्फरनगर। शहर की प्रमुख आवासीय कॉलोनियों में शामिल एटूजेड कॉलोनी में सोमवार को बिजली विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जांच अभियान से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। विभागीय टीम ने करीब 250 कोठियों की सघन जांच की, जिसमें दो आलीशान कोठियों में मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली उपयोग किए जाने का मामला सामने आया। कार्रवाई के बाद संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार यादव तथा अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने घर-घर पहुंचकर बिजली मीटरों की तकनीकी जांच की। जांच के दौरान नविता गर्ग पत्नी मनोज कुमार तथा विस्मित राठी पुत्र मनोज कुमार की कोठियों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।अधिकारियों के अनुसार, दोनों स्थानों पर मीटर के अंदरूनी हिस्सों में छेड़छाड़ कर बिजली की खपत कम दर्शाने का प्रयास किया जा रहा था। तकनीकी परीक्षण में यह भी सामने आया कि मीटर को इस तरह से बदला गया था जिससे वास्तविक खपत दर्ज न हो सके। टीम ने मौके पर ही दोनों मीटरों को कब्जे में लेकर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया।विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में लाखों रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया है। अब विस्तृत आकलन रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर शमन शुल्क, बकाया बिल और जुर्माने की वसूली की जाएगी। यदि चोरी की अवधि लंबी पाई गई तो वसूली की राशि और बढ़ सकती है।अभियान के दौरान कॉलोनी में काफी संख्या में लोग एकत्र हो गए। पॉश इलाके में बिजली चोरी पकड़े जाने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में चर्चा शुरू हो गई। कई लोग विभाग की इस कार्रवाई को बड़े स्तर पर चलाए जा रहे जांच अभियान का हिस्सा मान रहे हैं।मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि बिजली चोरी के मामलों में किसी भी व्यक्ति की हैसियत या प्रभाव नहीं देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य राजस्व हानि रोकना और ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने उपभोक्ताओं से वैध कनेक्शन लेने तथा समय पर बिल जमा करने की अपील भी की।अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह ने बताया कि एटूजेड कॉलोनी में जांच अभियान अभी जारी रहेगा। जिन भवनों की जांच समयाभाव के कारण नहीं हो सकी, वहां विभागीय टीमें अगले चरण में पहुंचकर जांच करेंगी। अभियान में विजिलेंस टीम सहित कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।