मुजफ्फरनगर, 24 जून 26। आगामी वर्षा ऋतु में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को समय रहते सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए ऐसी मजबूत व्यवस्था बनाई जाए जिससे किसी भी स्थिति में जनहानि या संपत्ति का नुकसान न हो। उन्होंने सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ से पहले किए जा रहे प्रबंधों का स्थलीय निरीक्षण समय पर पूरा करें और कमियों को तत्काल दूर कराएं।जिलाधिकारी ने नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में नालों व नालियों की सफाई समय से पूरी कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति रोकने के लिए निकासी व्यवस्था दुरुस्त रहना जरूरी है। साथ ही निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण में किसी प्रकार की देरी न हो। लोक निर्माण विभाग को संभावित प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों का सर्वे शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिरूद्ध प्रताप सिंह ने कहा कि विद्युत, सिंचाई, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग की भूमिका आपदा प्रबंधन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। साथ ही सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में गोताखोरों की सूची तैयार करने और अस्थायी पंपिंग सेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।पशुधन की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी पर जोर दिया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ संभावित गांवों में पशुओं के टीकाकरण, चारे और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस, सिंचाई, विद्युत, शिक्षा, ग्रामीण विकास और राहत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।