मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में लखनऊ अग्निकांड के बाद सुरक्षा मानकों की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों का निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं मिलने पर सदर बाजार स्थित आत्रेय हॉस्पिटल को सील कर दिया गया, जबकि भोपा रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल के बेसमेंट और पैथोलॉजी लैब को बंद करा दिया गया।प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अभियान का नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर ने किया। टीम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार, डिप्टी सीएमओ, विद्युत सुरक्षा विभाग और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल रहे।निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा और भवन संबंधी मानकों की गहन जांच की गई। सदर बाजार स्थित आत्रेय हॉस्पिटल में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां मिलने पर प्रशासन ने तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की।वहीं पवार हॉस्पिटल में कुछ खामियां पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। मनोरमा हॉस्पिटल को भी नोटिस जारी कर निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। रतन सिंह हॉस्पिटल में व्यवस्थाएं अपेक्षाकृत संतोषजनक पाई गईं।इसके बाद संयुक्त टीम भोपा रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल पहुंची। यहां निरीक्षण के दौरान बेसमेंट और पैथोलॉजी लैब में सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित हिस्सों को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले के अस्पतालों, होटलों और अन्य भीड़भाड़ वाले संस्थानों में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।