झांसी। गुजरात के एक सूखे मेवे के व्यापारी के मुनीम से 24.90 लाख रुपये लूटने और अपहरण करने के मामले का झांसी पुलिस ने पांच दिन के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस प्रकरण में जालौन पुलिस में तैनात दो सिपाहियों सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटी गई पूरी राशि और घटना में प्रयुक्त कार बरामद कर ली गई है। वहीं, जालौन पुलिस लाइन में तैनात एक अन्य सिपाही समेत चार आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति ने सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि गुजरात के अहमदाबाद निवासी किशन दिलीप भाई पंचाल की शिकायत पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, 10 जुलाई को मिनर्वा चौराहे के निकट कार सवार बदमाशों ने व्यापारी और उसके साथी के साथ मारपीट कर 24 लाख 90 हजार रुपये से भरा बैग छीन लिया था। इसके बाद दोनों को जबरन वाहन में बैठाकर कानपुर हाईवे पर सुनसान स्थान पर छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे।एसएसपी ने बताया कि घटना की जांच के लिए कई टीमें गठित की गई थीं। सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी माध्यमों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। गिरफ्तार आरोपियों में गौरव यादव, सूर्यांश यादव, सुखवीर, सूरज सिंह तथा जालौन पुलिस में तैनात सिपाही राघवेंद्र राजपूत और मनोज शामिल हैं।पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में सूर्यांश यादव ने बताया कि वह ऑनलाइन सट्टेबाजी में भारी नुकसान उठाने के कारण लगभग 24 लाख रुपये के कर्ज में डूब गया था। इसी दौरान उसे जानकारी मिली कि गुजरात का एक कारोबारी बड़ी नकदी लेकर झांसी आने वाला है। इसके बाद उसने अपने साथियों और कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। वारदात में प्रयुक्त कार की व्यवस्था भी इसी साजिश के तहत की गई थी।पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों में जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाही नीरज राजपूत के अलावा अंकित यादव, संस्कार तेजवानी और नितिन तेजवानी शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।