मुजफ्फरनगर। पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय लोकदल नेता मलूक नागर की ओर से सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में सपा नेताओं और पाल समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने होल्कर अहिल्याबाई चौक पर मलूक नागर का पोस्टर फूंका और जूते-चप्पलों से पीटकर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान मलूक नागर के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सहारनपुर में आयोजित रालोद की स्वाभिमान रैली के दौरान मलूक नागर ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस बयान के सामने आने के बाद सपा कार्यकर्ताओं और पाल समाज के लोगों में नाराजगी है। इसी के चलते शुक्रवार को कार्यकर्ता होल्कर अहिल्याबाई चौक पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान सपा नेता सत्येंद्र पाल ने कहा कि किसी राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा का प्रयोग करना राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्यामलाल पाल को लेकर की गई टिप्पणी से उनकी सोच और मानसिकता सामने आती है। उन्होंने कहा कि श्यामलाल पाल की ओर से कही गई बात को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उनका उद्देश्य किसी समाज को निशाना बनाना नहीं, बल्कि अति पिछड़े और दलित वर्ग के लोगों को आगे बढ़ाने की बात करना था।सपा नेताओं और पाल समाज के लोगों ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और विचारों में अंतर होना स्वाभाविक है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। किसी नेता या समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि श्यामलाल पाल प्रदेश स्तर पर समाजवादी पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ कथित तौर पर की गई टिप्पणी को लेकर समाज में भी रोष है।प्रदर्शनकारियों ने मलूक नागर से अपनी कथित टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग की। साथ ही रालोद नेतृत्व से भी पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उनका कहना था कि राजनीतिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों का व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए नेताओं को बोलते समय शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मलूक नागर के पोस्टर को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पोस्टर को जूते-चप्पलों से पीटकर विरोध दर्ज कराया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि कथित टिप्पणी को लेकर माफी नहीं मांगी गई तो विरोध आगे भी जारी रखा जाएगा।मलूक नागर के बयान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। सपा नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा के साथ-साथ पाल समाज के सम्मान से जोड़ते हुए कड़ा विरोध जताया है। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से रालोद नेतृत्व से मामले में स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की गई है।