मुजफ्फरनगर, 23 अप्रैल 2026। विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के अवसर पर राजकीय जिला पुस्तकालय में एक विशेष कार्यशाला एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन, जिला विद्यालय निरीक्षक के मार्गदर्शन तथा पुस्तकालय प्रभारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षा व पठन-पाठन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने “पुस्तकें हमारी मित्र” विषय पर कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और सोच के विस्तार का सशक्त माध्यम हैं। कार्यशाला के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें कु. कनन जैन एवं कु. शिवाक्षी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्थान प्राप्त किया। दोनों प्रतिभागियों को “विकसित उत्तर प्रदेश @2047” पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जनपद के प्रतिष्ठित महाविद्यालयों के लाइब्रेरियन को भी सम्मानित किया गया। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज के लाइब्रेरियन श्री अनित चौधरी, श्रीमती रेखा त्यागी, श्रीमती सुमन भाटिया तथा एसडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की लाइब्रेरियन सुश्री शुमायला को राष्ट्रीय ध्वज एवं “विकसित उत्तर प्रदेश @2047” पुस्तकें भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे UNESCO के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य पठन संस्कृति को बढ़ावा देना, प्रकाशन क्षेत्र को प्रोत्साहित करना तथा कॉपीराइट एवं बौद्धिक संपदा के प्रति जागरूकता फैलाना है।
वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें पीढ़ियों और संस्कृतियों के बीच सेतु का कार्य करती हैं और नई सोच, नए विचार एवं ज्ञान के द्वार खोलती हैं। इस दिन को चुनने के पीछे महान साहित्यकार William Shakespeare, Miguel de Cervantes एवं Garcilaso de la Vega की जयंती व पुण्यतिथि का विशेष महत्व भी जुड़ा है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रणवीर सिंह एवं डॉ. राजीव कुमार ने सभी प्रतिभागियों को विश्व पुस्तक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए नियमित पठन की आदत विकसित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर श्री विशाल कुमार, श्री अजय कुमार सहित अनेक विद्यार्थी, शिक्षक व पुस्तक प्रेमी उपस्थित रहे।
