शामली। मेरठ–करनाल हाईवे पर काबड़ौत पुल के पास लावारिस हालत में मिले चार लाख रुपये के मामले में पुलिस ने जांच पूरी करते हुए रकम को उसके असली मालिक को सौंप दिया। इस पूरी कार्रवाई ने जहां पुलिस की सतर्कता को दर्शाया, वहीं आम नागरिक की ईमानदारी भी चर्चा का विषय बनी रही।
दरअसल, बीते बुधवार शाम हाईवे पर 500, 200 और 100 रुपये के नोटों की गड्डियों में बड़ी मात्रा में नकदी बिखरी हुई मिली थी। मुजफ्फरनगर जनपद के गांव खरड़ निवासी अमित कुमार ने सड़क पर पड़े रुपये इकट्ठा कर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने नकदी को कब्जे में लेकर सुरक्षित मालखाने में जमा कर लिया और मामले की पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान हरियाणा के करनाल जिले के नंगला रोडान निवासी विद्यासागर ने कोतवाली शामली पहुंचकर नकदी पर अपना दावा प्रस्तुत किया। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अपने पार्टनर शिवम के साथ एक कंपनी से जुड़े हैं और बैंक से निकाली गई राशि को अलग-अलग स्थानों पर जमा कराने के लिए भेजा गया था। इसी दौरान उनके पार्टनर शिवम बाइक से रकम ले जाते समय काबड़ौत पुल के पास पैसे गिरा बैठे।
विद्यासागर ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया और समाचारों के माध्यम से मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क साधा। पुलिस ने दावेदार द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों का मिलान किया और पुष्टि होने के बाद पूरी रकम विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत उन्हें सौंप दी।
पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि पूरी कार्रवाई पारदर्शिता और नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि रकम वापस मिलने के बाद मालिक ने स्थानीय लोगों की ईमानदारी और पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
