गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर परिसर में मंगलवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनसे मुख्यमंत्री ने स्वयं मिलकर प्रार्थना पत्र लिए और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए।जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि शासन की प्राथमिकता जनता को त्वरित न्याय और राहत देना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयसीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से जमीन कब्जे से जुड़े मामलों में उन्होंने सख्ती दिखाते हुए कहा कि किसी भी दबंग को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।कार्यक्रम में कई ऐसे लोग भी पहुंचे, जिन्होंने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आर्थिक तंगी के कारण किसी का इलाज प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों के इलाज का अनुमान शीघ्र तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि समय रहते सहायता उपलब्ध कराई जा सके।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों से भी आत्मीयता से बातचीत की। बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलारते हुए उन्होंने उन्हें उपहार दिए और आशीर्वाद प्रदान किया, जिससे माहौल सहज और भावनात्मक हो गया।मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या भी पारंपरिक रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और अपने गुरु की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद गोशाला में जाकर गोवंश की सेवा की और उन्हें अपने हाथों से आहार खिलाया। पूरे कार्यक्रम में प्रशासनिक सक्रियता और जनसुनवाई की गंभीरता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।