मुजफ्फरनगर। ग्राम प्रधानों ने अपने कार्यकाल में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अब खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। पुरकाजी विकासखंड कार्यालय परिसर में आयोजित प्रधान संगठन की बैठक में क्षेत्रभर के प्रधानों ने एकजुट होकर 20 मई को राजधानी लखनऊ में होने वाले विशाल सम्मेलन में शामिल होने का निर्णय लिया। बैठक में पंचायतों के विकास कार्यों और प्रधानों के अधिकारों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।बैठक के दौरान प्रधानों ने कहा कि वर्तमान पंचायत कार्यकाल के दौरान कई विकास योजनाएं अधूरी रह गई हैं। यदि कार्यकाल समाप्त हो गया तो गांवों में चल रहे विकास कार्य प्रभावित होंगे। प्रधानों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल और अन्य योजनाओं को पूरा करने के लिए कार्यकाल बढ़ाना जरूरी है।प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप प्रधान ने कहा कि प्रदेशभर के ग्राम प्रधान अब अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 20 मई को लखनऊ में होने वाले सम्मेलन में मुख्यमंत्री के समक्ष कार्यकाल बढ़ाने की मांग प्रमुखता से रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि गांवों के विकास की रीढ़ हैं और उनकी अनदेखी उचित नहीं होगी।बैठक में यह भी तय किया गया कि पुरकाजी विकासखंड से प्रधानों को लेकर 19 मई को एक विशेष बस लखनऊ के लिए रवाना होगी। प्रधानों ने दावा किया कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि पहुंचकर सरकार तक अपनी आवाज बुलंद करेंगे।प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप चौधरी और जिला अध्यक्ष अशोक राठी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में कई योजनाएं अभी अधूरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमित समय के कारण कई विकास कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में कार्यकाल बढ़ाया जाना पंचायतों और ग्रामीण विकास दोनों के हित में होगा।बैठक में मौजूद प्रधानों ने सरकार से पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।इस दौरान सुनील प्रधान, रविंदर कुमार, विवेक राठी, नवीन त्यागी, मोनू चौधरी, धीरज त्यागी, अनिल कुमार, राजकुमार, पवन देशवाल, प्रमोद कुमार, सोमपाल सिंह, जुल्फिकार, मुजफ्फर अली, बलिहार सिंह, कनक सिंह, राजेंद्र सिंह, मनीष कुमार और गोपाल सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान मौजूद रहे।