मुजफ्फरनगर। करीब 11 वर्ष पुराने चर्चित डकैती कांड में आखिरकार अदालत ने फैसला सुना दिया। तितावी क्षेत्र में हथियारों के बल पर लाखों रुपये की लूट करने वाले आरोपी को दोषी मानते हुए सेशन न्यायालय ने 10 वर्ष 6 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि आरोपी पहले ही लंबे समय से जेल में बंद है, इसलिए अदालत ने उसकी न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में शामिल करने का आदेश दिया है।मामला 18 नवंबर 2014 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार तितावी थाना क्षेत्र में बुड़ीना कलां के पास धौलरा चौराहे से आगे कुछ बदमाशों ने एक गाड़ी को घेर लिया था। आरोपियों ने तमंचे और पिस्टल के बल पर वाहन में सवार लोगों को आतंकित कर उनसे लाखों रुपये की नकदी लूट ली थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।जांच के दौरान सुंदर पुत्र जुगल सिंह जाट का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने वाजिद उर्फ पप्पू से करीब दस लाख रुपये, नईम से तीन लाख रुपये और मरगूब से दो लाख से अधिक की नकदी तथा मोबाइल फोन लूट लिया था। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन बाद में पुलिस ने सुंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने न्यायालय से दया की अपील करते हुए बताया कि वह कई वर्षों से जेल में बंद है और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। आरोपी ने न्यायिक हिरासत में बिताए गए समय को ही सजा मानने की मांग की।सेशन न्यायाधीश बीरेन्द्र कुमार सिंह ने उपलब्ध साक्ष्यों, केस डायरी और आरोपी के कबूलनामे के आधार पर उसे डकैती और शांति भंग करने की धाराओं में दोषी ठहराया। अदालत ने डकैती के मामले में साढ़े दस साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही दूसरी धारा में दो वर्ष की सजा भी सुनाई गई, जिसे साथ-साथ चलाने के आदेश दिए गए।न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी जून 2015 से लगातार विभिन्न जेलों में निरुद्ध है और वह निर्धारित सजा से अधिक अवधि जेल में काट चुका है। ऐसे में जेल में बिताया गया समय सजा में समायोजित किया जाएगा। वर्तमान में आरोपी बिजनौर जिला कारागार में बंद है। अदालत के फैसले के बाद उसकी रिहाई का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है, बशर्ते उसके खिलाफ कोई अन्य मामला लंबित न हो।