मुजफ्फरनगर, 18 मई। आगामी 21 मई को आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी, नकलविहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिस प्रकार पूर्व में विभिन्न परीक्षाएं सफलतापूर्वक कराई गई हैं, उसी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ लेखपाल मुख्य परीक्षा भी संपन्न कराई जाए। उन्होंने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर उसी के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने बताया कि 21 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होने वाली परीक्षा में जनपद के कुल 7008 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए जिले में 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा संचालन हेतु 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 15 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 15 केंद्र व्यवस्थापक तथा 1528 अंतरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कर ली जाएं। केंद्रों पर पेयजल, बिजली, जनरेटर, पंखे तथा महिला एवं पुरुष शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व और समाप्ति तक सीसीटीवी कैमरों को लगातार संचालित रखने को कहा गया।जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी अनावश्यक व्यक्ति की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएं तथा कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश न करे। उन्होंने पुलिस प्रशासन को प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।बैठक में बायोमेट्रिक सत्यापन व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक अभ्यर्थी की परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पूर्व बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी और मुख्य द्वार पर गहन जांच की जाएगी। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में संपन्न होगी।यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए रोडवेज बसों के अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे तथा शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने परीक्षार्थियों को चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अथवा किसी प्रकार की पर्ची ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।बैठक के अंत में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार सिंह ने आगामी जनगणना कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया कि मकानों की गणना का कार्य 22 मई से 20 जून तक चलेगा। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ स्व-गणना अभियान को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक नागरिकों को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने की अपील करते हुए कहा कि इससे आगामी सत्यापन प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम हो सकेगी।बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल चौबे, आयोग के समन्वयी पर्यवेक्षक राजवंत सिंह यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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