मुजफ्फरनगर। विकास भवन सभागार में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता सांसद हरेंद्र मलिक ने की। बैठक में केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा विकास कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराए जाएं।बैठक के दौरान सांसद हरेंद्र मलिक ने लोक निर्माण विभाग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित सड़कों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों से कहा कि बरसात से पूर्व शहर के नालों की सफाई तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए, ताकि नागरिकों को जलभराव और आवागमन संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को तत्काल ठीक कराया जाए। साथ ही प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के कार्य में तेजी लाई जाए।कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मनरेगा कार्यों पर विशेष चर्चा हुई। सांसद ने मनरेगा के अंतर्गत मानव दिवस बढ़ाने तथा अमृत सरोवर एवं जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए।स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की समीक्षा में आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी पात्र परिवारों के कार्ड बनवाने तथा सरकारी विद्यालयों में कायाकल्प योजना के अंतर्गत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। उन्होंने विद्यालयों के नियमित निरीक्षण के भी निर्देश दिए।बैठक में वन विभाग से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। सांसद ने फलदार एवं हरे पेड़ों की कटाई की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने और पौधों के संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने ग्राम सभाओं की भूमि चिन्हित कर वृक्षारोपण कराने तथा पौधों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल बनवाने के निर्देश दिए।विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने अधिकारियों से कहा कि जनपद में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा जहां क्षमता वृद्धि की आवश्यकता हो वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए कि पशु चिकित्सालयों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और गौशालाओं में गोवंशों के लिए चारा, पानी, टिनशेड, उपचार एवं टीकाकरण की समुचित व्यवस्था बनी रहे।सांसद हरेंद्र मलिक ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी लाभार्थी वंचित न रहे। जिन कार्यों में बजट की कमी आ रही है, उनके लिए शासन से अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाए।बैठक के अंत में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन कराया जाएगा।बैठक में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, जिला विकास अधिकारी दिग्विजयनाथ तिवारी, जिला वनाधिकारी अभिनव राज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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