कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बदुरिया नगरपालिका के गिरफ्तार चेयरमैन दीपांकर भट्टाचार्य की निशानदेही पर पुलिस ने जूट के खेत में दबाकर रखे गए नकदी से भरे पांच बैग बरामद किए हैं। बरामद बैगों में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां मिली हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नकदी करोड़ों रुपये में हो सकती है। घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार दीपांकर भट्टाचार्य को भ्रष्टाचार और अवैध वसूली से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। रिमांड के दौरान पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने पार्टी कार्यालय के पास स्थित खेत और बागान क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। खुदाई के दौरान जमीन के भीतर दबे चार ट्रॉली बैग और एक बोरी बरामद हुई, जिनमें बड़ी मात्रा में नकदी भरी हुई थी। देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर गिनती कराते रहे।जांच एजेंसियों का कहना है कि बरामद रकम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती तौर पर यह रकम काफी बड़ी मानी जा रही है। पुलिस पूरे मामले को काले धन और अवैध वसूली से जोड़कर जांच कर रही है।इससे पहले भी दीपांकर भट्टाचार्य के विभिन्न ठिकानों पर हुई छापेमारी में लगभग 80 लाख रुपये नकद और हजारों सरकारी तिरपाल बरामद किए गए थे। आरोप है कि राहत सामग्री को अवैध रूप से जमा कर रखा गया था। मामले में कई दस्तावेज और अन्य सामान भी जांच एजेंसियों ने कब्जे में लिए हैं।उधर, राज्य के कई अन्य जिलों में भी पुलिस ने सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं और कथित दबंगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। दुर्गापुर-फरीदपुर क्षेत्र से टीएमसी नेता शेख वसुल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दक्षिण 24 परगना में राहत सामग्री बरामद होने के बाद क्षेत्रीय नेता गौतम आड़ी पर कार्रवाई की गई है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी के स्रोत, उसके उपयोग और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।