मेरठ। आईआईएमटी यूनिवर्सिटी की छात्रा अनु की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। छात्र संगठनों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों में घटना को लेकर नाराजगी है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रदर्शन जारी हैं।इसी क्रम में छात्र नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन सौंपकर मामले की पारदर्शी जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छात्रा की मौत से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाना जरूरी है, ताकि सच्चाई उजागर हो सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि छात्रा को न्याय दिलाने की मांग कर रहे छात्र-छात्राओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई थी, इसलिए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए।छात्र नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें निरस्त किया जाए। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।छात्रा अनु की मौत का मामला अब केवल एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि छात्र सुरक्षा, संस्थानों की जवाबदेही और न्यायिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों से भी जुड़ गया है। ऐसे में पूरे मामले पर लोगों की नजरें जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।