भोपाल/नागपुर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही मध्य प्रदेश की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने 20 मई को नागपुर में कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद अब उसका सुसाइड नोट सामने आया है, जिसमें उसने परीक्षा के दबाव और भविष्य को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की है।पुलिस के अनुसार, आकांक्षा नागपुर में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। उसकी मौत के बाद मिले सुसाइड नोट में उसने अपने माता-पिता से भावुक शब्दों में माफी मांगी है। छात्रा ने लिखा कि उसके माता-पिता को उससे काफी उम्मीदें थीं और वे चाहते थे कि वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बने, लेकिन वह दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं जुटा पा रही थी।सुसाइड नोट में आकांक्षा ने लिखा कि पहले हुए NEET परीक्षा में उसके अच्छे अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन दोबारा परीक्षा देने और बेहतर प्रदर्शन करने को लेकर वह खुद को असमंजस और दबाव में महसूस कर रही थी। उसने अपने माता-पिता से क्षमा मांगते हुए लिखा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।

घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है। वहीं यह मामला एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के परिणाम को जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं मानना चाहिए और अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों को भी विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा सुसाइड नोट को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

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