मुजफ्फरनगर। थाना सिखेड़ा क्षेत्र के बहेड़ा आसा गांव निवासी विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिखेड़ा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पुलिस मुठभेड़ के दौरान मामले के मुख्य आरोपी बादल को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया, जबकि फरार चल रही मुख्य अभियुक्ता रेनू को कॉम्बिंग अभियान के दौरान दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त स्कॉर्पियो, तमंचा, कारतूस तथा मृतक के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।पुलिस के अनुसार 25 मई को बहेड़ा आसा निवासी मगन सिंह ने अपने पुत्र विकसित उर्फ रॉकी के लापता होने की सूचना थाना सिखेड़ा में दी थी। बाद में 30 मई को उन्होंने आशंका जताई कि विकसित की पत्नी रेनू, उसके पूर्व पति के बेटे बादल, उसकी पत्नी निशा और अन्य लोगों ने मिलकर विकसित का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी है। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।जांच के दौरान एक जून को पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी मोन्टी उर्फ अभि त्यागी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी। बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी स्कॉर्पियो से भागने की फिराक में हैं। सूचना पर पुलिस ने असदनगर-भंडूर मार्ग पर वाहन चेकिंग शुरू कर दी।पुलिस को देखकर आरोपी स्कॉर्पियो लेकर भागने लगे, लेकिन तेज मोड़ पर वाहन फिसलकर नाली में फंस गया। इस दौरान एक महिला अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गई, जबकि चालक सीट से उतरकर भाग रहे आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी बादल के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से तमंचा, कारतूस तथा मृतक के पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटर आईडी, वाहन की आरसी और चेकबुक बरामद की गई।इसके बाद गुरुवार को पुलिस ने कॉम्बिंग अभियान चलाकर मुख्य अभियुक्ता रेनू को जौली रोड स्थित मिर्जा टिल्ला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर मृतक का पर्स, तीन डेबिट कार्ड, नकदी, अंडरवियर और खून से सना अंगोछा बरामद किया गया।पुलिस पूछताछ में आरोपी बादल ने बताया कि 18 मई को उसकी मां रेनू अपने पति विकसित उर्फ रॉकी को बहेड़ा आसा से बड़ौत स्थित घर लेकर गई थी। वहां पहले से मौजूद बादल, उसकी पत्नी निशा और बाद में पहुंचे मोन्टी त्यागी ने मिलकर विकसित की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को स्कॉर्पियो में रखकर भोपा क्षेत्र में ले जाया गया, जहां उनके साथी शुभम की मदद से शव को खेत में दफना दिया गया। आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने के लिए मृतक का सिर काटकर कपड़ों और हत्या में प्रयुक्त हथियार के साथ गंगनहर में फेंक दिया।पुलिस ने बताया कि मामले में शुभम और निशा अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने खुलासे में शामिल पुलिस टीम को सराहना देते हुए फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।