मुजफ्फरनगर, 5 जून 26। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सामाजिक वानिकी प्रभाग एवं वन विभाग के नेतृत्व में शुकतीर्थ, मोरना और अभयारण्य क्षेत्र में पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैली तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पूरे जनपद में पांच लाख से अधिक पौधे लगाए गए।शुकतीर्थ में गंगा तट के दोनों किनारों पर 1100 पौधों का रोपण किया गया, जबकि जलालपुर बेहद क्षेत्र में 16 हजार पौधे लगाए गए। पौधारोपण अभियान में जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और ग्रामीणों ने सहभागिता की। इसके बाद गंगा तट पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य कचरे का संग्रहण कर निस्तारण कराया गया।सुखदेव आश्रम में पर्यावरण शुद्धि और विश्व कल्याण की कामना से वैदिक यज्ञ एवं हवन आयोजित किया गया। वहीं पर्यावरण जागरूकता रैली को संत समाज के पूज्य महाराज ओंकारानंद ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से वृक्ष संरक्षण, जल संरक्षण, प्लास्टिक उन्मूलन और वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया गया।मोरना विकास खंड क्षेत्र में एकल उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर विशेष परिचर्चा आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने की। बैठक में ग्राम प्रधानों, दुकानदारों और ग्रामीणों ने भाग लिया। इसके उपरांत सोलानी नदी तट पर वृक्षारोपण किया गया तथा नदी में पाए जाने वाले कछुओं और मगरमच्छों के प्राकृतिक आवासों के संरक्षण को लेकर चर्चा की गई।कार्यक्रम के अंतिम चरण में चौरावाला और विमलाखेड़ी तालाबों को आर्द्रभूमि (वेटलैंड) के रूप में अधिसूचित किए जाने के उपलक्ष्य में ग्रामीणों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी गई।प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर जिले में पांच लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी रविकांत वशिष्ठ ने कहा कि पर्यावरण दिवस का उद्देश्य लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक कर पर्यावरण के सभी घटकों को सुरक्षित और संरक्षित रखना है।