बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में अब आईसीयू (सघन चिकित्सा कक्ष) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सरकार ने विस्तृत योजना तैयार कर ली है और जल्द ही इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।रविवार को बाराबंकी के जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के लोगों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से जिला अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल लागू किया जाएगा। इसके तहत लखनऊ स्थित संजय गांधी पीजीआई और प्रदेश के सात प्रमुख मेडिकल कॉलेजों को मुख्य केंद्र बनाया जाएगा। वहीं जिला अस्पतालों को इन संस्थानों से जोड़ा जाएगा। इससे टेली-आईसीयू व्यवस्था शुरू होगी और गंभीर मरीजों को अपने जिले में रहते हुए ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और उपचार मिल सकेगा।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़े शहरों की ओर भागने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जिला अस्पतालों के डॉक्टर सीधे विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर मरीजों का बेहतर इलाज कर सकेंगे।कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए ब्रजेश पाठक ने एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक मंडल में आधुनिक कैंसर अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 67 कैंसर डे-केयर सेंटर भी खोले जाएंगे, जहां मरीजों को कीमोथेरेपी और अन्य उपचार संबंधी सुविधाएं मिल सकेंगी।उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष चिकित्सा पद्धति को भी बढ़ावा दे रही है। आयुर्वेद, योग, यूनानी और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को और अधिक प्रभावी तथा जनसुलभ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।स्वास्थ्य मंत्री की इस घोषणा को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों में रहने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।