मेरठ। जिले में जन सेवा केंद्र की आड़ में कथित रूप से फर्जी कामकाज करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर सेल और लिसाड़ी गेट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए केंद्र संचालित करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में चल रहे सत्यापन अभियान के दौरान कुछ जन सेवा केंद्रों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई थीं। इसी आधार पर पुलिस ने जानकारी जुटाई और संबंधित केंद्र पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां से बड़ी संख्या में आधार कार्ड, बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड और अन्य अभिलेख बरामद हुए।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से जन सेवा केंद्र के नाम पर लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहे थे। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने लोगों को निशाना बनाया गया और किन-किन कार्यों को अंजाम दिया गया।छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई कंप्यूटर, प्रिंटर, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। बरामद सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।एसपी क्राइम अविनाश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके संपर्क में रहने वाले लोगों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने जिले के अन्य जन सेवा केंद्रों की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।