मुजफ्फरनगर, 15 जून 26। सदर तहसील क्षेत्र के गांव मंगलपुर की रहने वाली मीरा नामक महिला ने एक लेखपाल पर दस्तावेजों के सत्यापन के नाम पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बेटे की जमानत के लिए जरूरी कागजातों का सत्यापन कराने के दौरान महिला को रिश्वत देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार, मीरा के बेटे की जमानत के लिए कुछ दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाना था। आरोप है कि संबंधित लेखपाल ने सत्यापन रिपोर्ट लगाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग कर दी। आर्थिक रूप से कमजोर महिला ने कई बार अपनी मजबूरी बताई, लेकिन काम न होने के कारण वह परेशान हो गई।बताया जाता है कि बेटे की जमानत में देरी न हो, इसके लिए मीरा ने अपने कानों के सोने के कुंडल गिरवी रखकर पांच हजार रुपये की व्यवस्था की। आरोप है कि इसके बाद ही सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ी। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने तहसील प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। भाकियू नेताओं का कहना है कि यदि एक गरीब मां को अपने बेटे की जमानत के लिए गहने गिरवी रखकर रिश्वत देनी पड़े, तो यह व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है। संगठन ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि आम लोगों को अपने वैध कार्यों के लिए रिश्वत देने पर मजबूर नहीं होना चाहिए।