मुजफ्फरनगर, 15 जून 26। खरीफ सीजन के बीच यूरिया खाद की कमी से परेशान किसानों का गुस्सा सोमवार को नावला सहकारी समिति खतौली पर फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने समिति का घेराव कर धरना शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से समिति पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है, जिससे धान समेत अन्य फसलों की खेती प्रभावित हो रही है।धरने का नेतृत्व भाकियू के खतौली तहसील अध्यक्ष ललित त्यागी और एनसीआर महामंत्री सचिन चौधरी ने किया। किसानों ने कहा कि धान की रोपाई का समय चल रहा है और फसलों को खाद की सख्त जरूरत है, लेकिन समिति पर बार-बार आने के बावजूद उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रही है। इससे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है और खेती का काम प्रभावित हो रहा है।किसानों ने समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कर्मचारी समय पर समिति नहीं पहुंचते, जिसके कारण दूर-दराज के गांवों से आने वाले किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार किसान बिना काम हुए वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं।प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार अमित रस्तोगी और मंसूरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान किसानों ने समिति पर जल्द से जल्द यूरिया खाद उपलब्ध कराने और व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। किसानों ने कहा कि खाद की किल्लत के कारण उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं और यदि समय पर खाद नहीं मिली तो उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।भाकियू नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 21 जून तक समिति पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं कराई गई और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो समिति के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी समस्याओं को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।काफी देर तक चली वार्ता के बाद नायब तहसीलदार अमित रस्तोगी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और जल्द ही समिति पर यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए जाएंगे।प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया, लेकिन साफ कर दिया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में जुल्फिकार छोटा, विकास पाल, मुजम्मिल राणा, राहुल बालियान, रमाकांत त्यागी, सैन्टी सहरावत, अनस नावला, अनुज शर्मा, कुलबीर, रविन्द्र सहित बड़ी संख्या में किसान और भाकियू पदाधिकारी मौजूद रहे।