नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 के री-एग्जाम से ठीक पहले एडमिट कार्ड में हुई तकनीकी गड़बड़ी ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। कई छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें उनके शहर से सैकड़ों और हजारों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए गए। सबसे चौंकाने वाला मामला उस समय सामने आया, जब एक छात्र के एडमिट कार्ड में भारत की जगह सीधे आबू धाबी का परीक्षा केंद्र दर्ज मिला।जानकारी के अनुसार नागपुर के छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब को जारी एडमिट कार्ड में संयुक्त अरब अमीरात के आबू धाबी स्थित केंद्र का आवंटन दिखाई दिया। इसी तरह ओडिशा की एक छात्रा को अपने राज्य से काफी दूर देहरादून में परीक्षा केंद्र मिला। इन मामलों के सामने आते ही छात्रों और परिजनों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत शिकायत दर्ज कराई।मामला बढ़ने पर (एनटीए) ने सफाई देते हुए इसे तकनीकी त्रुटि बताया। एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित छात्रों के परीक्षा केंद्र समय रहते बदल दिए गए हैं और उन्हें संशोधित प्रवेश पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया कि पुराने प्रवेश पत्र अब मान्य नहीं होंगे।गौरतलब है कि इससे पहले आयोजित नीट परीक्षा पेपर लीक और धांधली के आरोपों के चलते विवादों में आ गई थी। इसी कारण दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त की गई है।21 जून को होने वाली परीक्षा में देश-विदेश के पांच हजार से अधिक केंद्रों पर 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होंगे। प्रश्नपत्रों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए जीपीएस युक्त वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। बाहरी सुरक्षा पुलिस और सुरक्षा बल संभालेंगे, जबकि अंदर अभ्यर्थियों की जांच विशेष एजेंसियों द्वारा की जाएगी। प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट की सुरक्षा के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है।भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर ठंडा पानी, पंखे, ओआरएस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी की गई है। एनटीए ने छात्रों से अफवाहों से दूर रहने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।