लखीमपुर खीरी। पुलिस मालखाने से गायब हुए करीब एक करोड़ रुपये के सोने के आभूषणों को लेकर दिया गया पुलिस का जवाब अब चर्चा का विषय बन गया है। अदालत में पुलिस ने दावा किया कि बारिश में भीगने के बाद छत पर सुखाने के लिए रखे गए जेवर बंदर उठा ले गए। इस दलील पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।मामला वर्ष 2007 के एक दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या प्रकरण से जुड़ा है। उस समय मृतका के शरीर से उतारे गए सोने के आभूषण साक्ष्य के रूप में पुलिस ने मालखाने में जमा कराए थे। इनमें अंगूठी, नथ, चूड़ियां और हार शामिल थे, जिनकी मौजूदा कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।वर्ष 2024 में अदालत ने मृतका के पति मुदित अग्रवाल को आरोपों से बरी कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने पुश्तैनी जेवर वापस दिलाने के लिए अदालत में अर्जी लगाई। जवाब में पुलिस ने एक पुराना दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि भारी बारिश से भीगने के बाद जेवर छत पर सुखाने रखे गए थे।पुलिस के अनुसार उसी दौरान बंदरों का झुंड आया और आभूषण उठाकर ले गया। इस दलील पर अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के साक्ष्य को खुले में छोड़ने की कहानी भरोसे योग्य नहीं लगती।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि आभूषण गायब हुए हैं तो जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच कर पीड़ित को उचित क्षतिपूर्ति देने के निर्देश भी दिए गए हैं। फिलहाल, ‘बंदर ले गए सोना’ वाली दलील पुलिस के लिए सवालों का कारण बन गई है।