अयोध्या। बहुचर्चित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र भेंट एवं चढ़ावा प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला सामने आने के बाद से प्रदेशभर में चर्चाओं का दौर तेज था। विशेष जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में अपराध संख्या 90/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर दर्ज मुकदमे में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्रीराम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।यह मामला जून के पहले सप्ताह में उस समय सुर्खियों में आया था, जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन पांडेय ने मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। आरोपों के सार्वजनिक होने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया था।इसके बाद अखिलेश यादव ने भी पारदर्शिता की मांग करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही थी। बढ़ते विवाद और उठते सवालों के बीच प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को विशेष जांच दल का गठन किया गया। लखनऊ मंडल के आयुक्त डॉ. विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित इस जांच दल ने विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी।प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में अब अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्तर पर राहत नहीं दी जाएगी। पुलिस और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच में जुटी हैं।