शामली। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव बहावड़ी में नए शराब के ठेके को लेकर ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश सामने आ गया। बड़ी संख्या में महिलाएं ग्राम प्रधान के साथ ठेके के बाहर पहुंचीं और विरोध प्रदर्शन करते हुए ठेका तत्काल बंद कराने की मांग उठाई।प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में शराब का ठेका खुलने के बाद सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि शराबियों की आवाजाही बढ़ने से महिलाओं, युवतियों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।ग्रामीणों ने बताया कि करीब चालीस वर्ष पहले भी गांव में शराब का ठेका संचालित होता था, लेकिन उस समय अपराध, मारपीट और विवाद बढ़ने पर विरोध के बाद उसे बंद करा दिया गया था। अब 29 जून से दोबारा ठेका खुलने पर ग्रामीणों में फिर असंतोष बढ़ गया है।महिलाओं का कहना है कि शराब के सेवन के बाद कई लोग घरों में विवाद करते हैं और देर शाम गांव से गुजरने वाली महिलाओं व युवतियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। उनका आरोप है कि इससे गांव का सामाजिक वातावरण बिगड़ रहा है और परिवारों में तनाव बढ़ रहा है।विरोध प्रदर्शन के दौरान ठेके पर मौजूद सेल्समैन और उसके साथियों की प्रदर्शनकारी महिलाओं तथा ग्राम प्रधान से तीखी नोकझोंक भी हुई। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच कहासुनी चलती रही, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।हालांकि, इस मुद्दे पर गांव में मतभेद भी देखने को मिले। कुछ युवाओं ने महिलाओं के विरोध को अनुचित बताते हुए ठेके का समर्थन किया। उनका कहना था कि शासन की अनुमति से ठेका खोला गया है, इसलिए इसका विरोध उचित नहीं है।ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में वे पहले भी तहसील दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ठेका बंद कराने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।