उन्नाव। जिले में वित्तीय धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिहाड़ी मजदूर की बेटी के नाम पर करोड़ों रुपये के कारोबार का रिकॉर्ड सामने आने के बाद परिवार के होश उड़ गए। आयकर विभाग से करीब 20 करोड़ रुपये के कारोबार से संबंधित नोटिस मिलने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस और साइबर सेल से न्याय की गुहार लगाई है। प्रारंभिक जांच में आधार और पैन कार्ड के दुरुपयोग कर फर्जी फर्म खड़ी किए जाने की आशंका जताई जा रही है।जानकारी के अनुसार, उन्नाव निवासी रश्मि सविता एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और कभी किसी व्यापार से उनका कोई संबंध नहीं रहा। ऐसे में अचानक आयकर विभाग का नोटिस मिलना पूरे परिवार के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं था।पीड़िता के अनुसार, उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में ‘आरएस एंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्जी फर्म का पंजीकरण कराया गया। आरोप है कि इसी फर्म के जरिए करोड़ों रुपये का कारोबार कागजों में दर्शाया गया। इतना ही नहीं, फर्म के नाम पर बैंक खाते भी संचालित किए गए, जबकि रश्मि और उनके परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी।मामले का खुलासा तब हुआ जब आयकर विभाग ने कारोबार में टैक्स संबंधी गड़बड़ी मिलने पर रश्मि के पते पर नोटिस भेजा। नोटिस में भारी भरकम कारोबार का विवरण और कर जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। नोटिस पढ़ते ही परिवार में हड़कंप मच गया। रश्मि ने बताया कि वह कभी दिल्ली नहीं गईं और न ही उन्होंने किसी कंपनी या कारोबार की शुरुआत की है।नोटिस मिलने के बाद परिवार ने कानूनी सलाह लेकर उन्नाव पुलिस से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत साइबर सेल को भेजी गई है। साइबर विशेषज्ञ अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि दस्तावेज किस तरह लीक हुए और फर्जी फर्म के पीछे कौन लोग हैं।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह किसी संगठित गिरोह की करतूत हो सकती है, जो गरीब और अनजान लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनियां बनाते हैं। जांच एजेंसियां बैंक खातों, पंजीकरण रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल खंगाल रही हैं। अधिकारियों ने जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है।