मुजफ्फरनगर, 8 जुलाई 26। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण की अध्यक्षता में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की धीमी प्रगति और बैंकों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई।सीडीओ ने कहा कि कई बैंक समय पर ऋण स्वीकृत नहीं कर रहे हैं, आवेदन निरस्त कर रहे हैं और स्वीकृत धनराशि भी समय पर वेंडरों के खातों में नहीं भेज रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना के तहत ऋण का आवेदन मिलने के सात दिन के भीतर धनराशि संबंधित वेंडर के खाते में भेजी जाए। साथ ही बिजली का बिल, आधार कार्ड और बैंक पासबुक के आधार पर ऋण स्वीकृत किया जाए। यदि आधार कार्ड का पता अलग भी हो, तो बिजली बिल और बैंक पासबुक के आधार पर ऋण देने में अनावश्यक बाधा न बनाई जाए।बैठक में बताया गया कि जिन बैंकों की प्रगति लक्ष्य के मुकाबले 15 प्रतिशत से कम है, उनके खिलाफ संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधकों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा। वहीं, बैंक ऑफ इंडिया के जिला समन्वयक के बैठक में अनुपस्थित रहने पर भी उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।सीडीओ ने बुढ़ाना के एक वेंडर मैसर्स सोनू त्यागी के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए। आरोप है कि लाभार्थियों से धनराशि लेने के बावजूद उन्होंने सोलर संयंत्र स्थापित नहीं किए, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है।उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक और यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी को निर्देश दिए कि बैंकों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पात्र लोगों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा जिले में अधिक से अधिक घरों पर सोलर संयंत्र स्थापित कराए जाएं। बैठक में बिजली विभाग, उद्योग विभाग, विभिन्न बैंकों के अधिकारी, यूपीनेडा के प्रतिनिधि और जिले के सोलर वेंडर मौजूद रहे।