शामली। मुजफ्फरनगर निवासी एक महिला ने शामली के जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर महिला थाना पुलिस पर मानसिक उत्पीड़न और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि उनके मामले में प्रभावशाली लोगों के दबाव में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।मुजफ्फरनगर निवासी ऋतु शर्मा ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 12 जुलाई को उन्हें सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे महिला थाना शामली बुलाया गया। उनका आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें लगभग चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया। उनका कहना है कि जिस मामले के संबंध में उन्हें बुलाया गया, वह महिला थाने के अधिकार क्षेत्र से संबंधित नहीं था, फिर भी उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया।महिला ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने प्रभाव और रिश्तेदारी का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें एक व्यक्ति के माध्यम से यह कहकर धमकाया गया कि संबंधित लोगों के रिश्तेदार ऊंचे पदों पर हैं, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसके बाद उन्हें थाने बुलाकर लंबे समय तक बैठाए रखा गया।शिकायत में महिला ने यह भी कहा कि उन्होंने 6 जुलाई 2026 को अपने पक्ष में साक्ष्यों के साथ एक प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, उनके खिलाफ दी गई शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की गई, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।महिला ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, 6 जुलाई को दिए गए प्रार्थना पत्र पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने, मानसिक उत्पीड़न और प्रभाव के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कराने तथा अपनी सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।