मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 स्थित छपार टोल प्लाजा से हटाए गए कर्मचारियों ने अपनी बहाली की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बिना पर्याप्त कारण बताए और पूर्व सूचना दिए सेवा से हटा दिया गया, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों तक टोल प्लाजा पर पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के बावजूद प्रबंधन ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। उनका आरोप है कि रोजगार समाप्त करने से पहले न तो उनकी बात सुनी गई और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि अचानक नौकरी चले जाने से परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि नौकरी ही उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत थी।धरना स्थल पर कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते हुए टोल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और सेवा में पुनर्बहाली की मांग दोहराई। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल रोजगार वापस पाने के लिए नहीं, बल्कि परिवारों के भविष्य और आजीविका की सुरक्षा के लिए भी है। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।धरने के दौरान टोल प्लाजा पर यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखी गईं। कर्मचारियों ने भी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।फिलहाल टोल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र समाधान निकाला जाएगा, जिससे उन्हें दोबारा रोजगार मिल सके और उनके परिवारों के सामने उत्पन्न आर्थिक संकट दूर हो सके।