गाजियाबाद। लोनी क्षेत्र में एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस ने धर्म परिवर्तन, धोखाधड़ी और उत्पीड़न से जुड़े गंभीर मामले में 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता का आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से उसे झूठी पहचान बताकर प्रेमजाल में फंसाया गया और बाद में कई वर्षों तक मानसिक, शारीरिक व धार्मिक उत्पीड़न झेलना पड़ा। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।पीड़िता, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली बताई जा रही है, ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वर्ष 2012 में उसकी पहचान फेसबुक के जरिए एक युवक से हुई थी। युवक ने अपना नाम ‘नवीन राणा’ बताकर खुद को हिंदू बताया और धीरे-धीरे उससे करीबी संबंध बना लिए। महिला का आरोप है कि शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए गए, लेकिन बाद में पता चला कि युवक की वास्तविक पहचान कुछ और है।महिला का आरोप है कि सच सामने आने के बाद उसे मानसिक दबाव में रखा गया और विभिन्न स्थानों पर ले जाकर धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में कहा गया है कि उसे मुजफ्फरनगर स्थित एक मदरसे में भी रखा गया, जहां बाहरी लोगों से संपर्क सीमित कर दिया गया था। महिला का दावा है कि उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर डराया-धमकाया जाता था।पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उसे अलग-अलग शहरों में रखा गया और इस दौरान कई बार निकाह व हलाला जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा। महिला का कहना है कि वर्ष 2023 में उसका निकाह लोनी निवासी खालिद हुसैन से कराया गया था, लेकिन कुछ समय बाद उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया। आरोप है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना भी की गई।मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अंकुर विहार थाने में 16 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि मामले की जांच कई पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।