गाज़ियाबाद जिले की मोदीनगर तहसील में एक लेखपाल पर गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि उसने एक किसान से उसकी जमीन से संबंधित रिपोर्ट बनाने के बदले पाँच हजार रुपये की मांग की थी। किसान ने मांग को अस्वीकार कर जब तीन हजार रुपये देते समय मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इस सबूत के बाद विभाग ने लेखपाल को तुरंत निलंबित कर दिया है और मामले की आगे जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक सेवा में रिश्वत की कोई जगह नहीं है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
